दिल और हथकड़ी — ओ. हेनरी
लेवनवर्थ जा रही ट्रेन में, एक महिला को अपना पुराना दोस्त मिला जो एक सख्त मिज़ाज अजनबी के साथ हथकड़ी में जकड़ा था। वे दोनों अजनबी सिर्फ़ एक सीट ही शेयर नहीं कर रहे थे, बल्कि उनके बीच एक गहरा राज़ और लोहे की एक बेड़ी भी थी। बातों-बातों में, एक खूबसूरत झूठ बोला गया ताकि एक आदमी का मान रह जाए। उस एक छोटे से इशारे ने इज्ज़त बचा ली, और उस इज्ज़त ने... एक दिल को टूटने से बचा लिया।
दिल और हथकड़ी — ओ. हेनरी
लेवनवर्थ जा रही ट्रेन में, एक महिला को अपना पुराना दोस्त मिला जो एक सख्त मिज़ाज अजनबी के साथ हथकड़ी में जकड़ा था। वे दोनों अजनबी सिर्फ़ एक सीट ही शेयर नहीं कर रहे थे, बल्कि उनके बीच एक गहरा राज़ और लोहे की एक बेड़ी भी थी। बातों-बातों में, एक खूबसूरत झूठ बोला गया ताकि एक आदमी का मान रह जाए। उस एक छोटे से इशारे ने इज्ज़त बचा ली, और उस इज्ज़त ने... एक दिल को टूटने से बचा लिया।